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दुनिया के 9 देश DRDO द्वारा विकसित Akash Air Defence Missile System खरीदने के इच्छुक

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Akash Air Defence Missile System Latest News in Hindi : दक्षिण पूर्व एशिया और अफ्रीका के नौ देशों ने रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) के द्वारा विकसित किए गए Akash : Air Defence Missile System को ख़रीदने में रुचि व्यक्त की है। यह ख़बर भारत के रक्षा उद्योग के लिए बहुत बड़ी है। DRDO ने भारत में स्वदेशी Air Defence Missile System – Akash को Develop किया है।

Akash Missile Latest News in Hindi 9 Countries Interested in Acquisition
Akash Missile Latest News in Hindi 9 Countries Interested in Acquisition

कुछ दिनों पहले केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा विभिन्न देशों द्वारा अधिग्रहण प्रस्तावों के लिए तेजी से मंजूरी सुनिश्चित करने के लिए एक पैनल की स्थापना की गई थी, जो की स्वदेशी रूप से विकसित आकाश मिसाइल के निर्यात को मंजूरी देने के कुछ घंटों बाद किया गया है। केंद्र सरकार घरेलू स्तर पर उच्च मूल्य वाले रक्षा प्लेटफार्मों का निर्यात करके रक्षा निर्यात में 5 बिलियन अमरीकी डालर का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में काम कर रही है।

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ट्वीट करके इस बात का खुलासा किया कि आकाश (Akash) का निर्यात संस्करण वर्तमान में भारतीय सशस्त्र बलों में तैनात सिस्टम से अलग होगा। उन्होंने आकाश (Akash) को ‘एक महत्वपूर्ण मिसाइल’ भी कहा, क्योंकि इसका 96 प्रतिशत भाग स्वदेशी रूप से बनाया गया है।

उन्होंने कहा – अभी तक भारतीय रक्षा निर्यात में केवल पार्ट्स और कम्पोनेंट आदि ही शामिल थे। बड़े प्लेटफार्मों का निर्यात बहुत कम था। कैबिनेट के इस फैसले से देश को अपने रक्षा उत्पादों को बेहतर बनाने और उन्हें विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद मिलेगी।

आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत, भारत रक्षा प्लेटफार्मों और मिसाइलों की व्यापक विविधता के निर्माण की अपनी क्षमताओं की ओर आगे बढ़ रहा है। Akash Air Defence Missile का 96 प्रतिशत से अधिक स्वदेशीकरण के साथ यह देश की महत्वपूर्ण मिसाइल है। आकाश सर्फेस-टू-एयर मिसाइल है जिसकी रेंज 25 किलोमीटर है।

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पिछले महीने की शुरुआत में, राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने भारतीय निर्माताओं से रक्षा उपकरण खरीदने के लिए 27,000 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी दी थी। 28,000 करोड़ रुपये के सात प्रस्तावों में से 27,000 करोड़ रुपये के मूल्य वाले छह प्रस्तावों को भारतीय उद्योग जगत को देकर “मेक इन इंडिया” और “आत्मनिर्भर भारत” अभियान को बढ़ावा देने का काम किया गया था।

अक्टूबर में वापस, रक्षा मंत्री ने स्वदेशी रक्षा उद्योग की सुविधा के लिए नए DRDO प्रोक्योरमेंट मैनुअल -2020 को मंजूरी दी थी। अगस्त में, राजनाथ सिंह ने घोषणा की थी कि – रक्षा मंत्रालय स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सेना से जुड़े 101 वस्तुओं का आयात बंद करेगा।

डीआरडीओ के लिए पिछला वर्ष काफ़ी अच्छा बीता था। अक्टूबर 2020 में DRDO प्रमुख जी सतीश रेड्डी ने खुलासा किया था कि भारत अब वास्तव में मिसाइलों के क्षेत्र में पूर्ण आत्मनिर्भरता प्राप्त की है। उन्होंने कहा – भारतीय सशस्त्र चाहे किसी भी तरह की मिसाइल प्रणाली (Missile System) की माँग करें, अब हम उनके लिए किसी भी प्रकार की मिसाइल प्रणाली (Missile System) विकसित करने में सक्षम हैं।


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