प्रारम्भ शब्द में उपसर्ग और मूल शब्द क्या है | Praranbh me Upsarg Aur Mool Shabd

प्रारम्भ शब्द में प्र उपसर्ग है और आरंभ मूल शब्द है।

उपसर्ग वे शब्दांश हैं जो किसी शब्द के आरंभ में लगकर उसके अर्थ में परिवर्तन या विशेषता उत्पन्न करते हैं। मूल शब्द वे शब्द हैं जो किसी अन्य शब्द से नहीं बनते हैं।

प्रारम्भ शब्द में प्र उपसर्ग का अर्थ है “पूर्व, आगे, पहले से”। आरंभ मूल शब्द का अर्थ है “शुरुआत, आरम्भ, प्रारंभ”।

इस प्रकार, प्रारम्भ शब्द का अर्थ है “पहले से शुरू होना” या “शुरुआत करना”।

उदाहरण के लिए, प्रारंभिक शब्द में प्रारम्भ मूल शब्द है और इक प्रत्यय है। प्रारम्भिक शब्द का अर्थ है “शुरुआत से संबंधित” या “शुरुआत में होने वाला”।

इसी प्रकार, प्रारंभकर्ता शब्द में प्रारम्भ मूल शब्द है और कर्ता प्रत्यय है। प्रारंभकर्ता शब्द का अर्थ है “शुरुआत करने वाला”।

उपसर्ग और मूल शब्द को अलग करने के लिए हम निम्नलिखित नियमों का पालन कर सकते हैं:

  • उपसर्ग और मूल शब्द के बीच कोई व्यंजन नहीं होता है।
  • उपसर्ग और मूल शब्द अलग-अलग अर्थ रखते हैं।
  • उपसर्ग और मूल शब्द का संयोग करने पर एक नया शब्द बनता है।

उपर्युक्त नियमों के आधार पर, हम कह सकते हैं कि प्रारम्भ शब्द में प्र उपसर्ग और आरंभ मूल शब्द है।

प्रारम्भ शब्द में उपसर्ग क्या है?

प्रारम्भ शब्द में “प्र” उपसर्ग है।

प्रारम्भ का मूल शब्द क्या है?

प्रारम्भ का मूल शब्द “आरंभ” है।

प्रारम्भ का उपसर्ग और मूल शब्द अलग कीजिए?

प्रारम्भ में उपसर्ग “प्र” है और मूल शब्द “आरंभ” है।

प्रारम्भ का मूल शब्द और उपसर्ग लिखिए?

प्रारम्भ में “आरंभ” मूल शब्द और “प्र” उपसर्ग है।