भारतीय लड़ाकू जहाज़ LCA Tejas की पहली उड़ान के 20 साल पूरे : भारत के स्वदेशी लड़ाकू कार्यक्रम के लिए अब आगे क्या?

LCA Tejas Latest News : 4 जनवरी 2001 को 10:00 बजे, विंग कमांडर राजीव कोठियाल ने भारत के लड़ाकू जेट लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) की पहली उड़ान भरी थी। 2003 में प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने इस लड़ाकू जहाज़ का का नामकरण किया था। उन्होंने इसे “तेजस” नाम दिया था। तब से लेकर अब तक Tejas Fighter Jet के 2 स्क्वाड्रन भारतीय वायु सेना में तैनात हो चुके हैं।

LCA Tejas Latest News
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अब तेजस भारतीय वायु सेना में एक महत्वपूर्ण फ़ाइटर जेट बन गया है, जिसमें सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000, मिग-29 और नए शामिल किए गए राफेल जैसे फ्रंटलाइन जेट हैं। अब भारतीय नौसेना की योजना इसके नौसेना संस्करण के मार्क-1 संस्करण के अतिरिक्त 83 लड़ाकू विमान शामिल करने की है।

विमान के प्रोटोटाइप का परीक्षण करने में 18 साल लग गए। 1983 में DRDO ने लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (Light Combat Aircraft) को डिजाइन और विकसित करने के लिए एक कार्यक्रम शुरू करने की अनुमति प्राप्त की थी। यह कदम मिग-21 बेड़े के जीवन समाप्ति की प्रत्याशा में लिया गया था और सरकार ने एलसीए कार्यक्रम के लिए 5.75 अरब रुपए आवंटित किया थे।

1985 में तत्कालीन वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल इदरीस हसन लतीफ ने एलसीए कार्यक्रम का समर्थन किया और फाइटर जेट के लिए एयर स्टाफ रिक्वायरमेंट्स (एएसआर) प्रस्तुत किया।

डीआरडीओ के प्रमुख डॉ जी सतीश रेड्डी (Dr G Satheesh Reddy) ने WEEK मैगज़ीन को दिए एक साक्षात्कार में कहा था कि दुनिया में कुछ ऐसे राष्ट्र हैं जिन्होंने सफलतापूर्वक अपने खुद के लड़ाकू विमान बनाए हैं। उन्होंने कहा, “हम उनमें से एक हैं। इसमें लगभग तीन दशक का संघर्ष शामिल है।”

तेजस एक एकल इंजन, डेल्टा विंग, मल्टीरोल लाइटवेट फाइटर जेट है। जिसे वैमानिकी विकास एजेंसी (ADA) और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने मिलकर डिज़ाइन किया है।

चौथी पीढ़ी के इस लड़ाकू विमान (LCA Tejas) को एयर-टू-एयर, एयर-टू-सरफेस, प्रिसिजन-गाइडेड और स्टैंडऑफ हथियार को नष्ट करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह सभी ऊंचाई पर सुपरसोनिक गति से आगे बढ़ सकता है और 3,500 किलोग्राम का पेलोड ले जा सकता है। यह हवाई युद्ध और आक्रामक हवाई सपोर्ट के लिए सबसे उपयुक्त फ़ाइटर जेट है। बड़ी बात ये है कि LCA Tejas फ़ाइटर जेट में रूसी और यूरोपीय मूल के हथियारों को एक साथ एकीकृत किया जा सकता है।

एलसीए की पहली उड़ान के बाद से 20 वर्षों के इस समय पर बोलते हुए, एचएएल के सीएमडी आर माधवन ने WEEK मैगज़ीन को बताया कि बैंगलोर में विशेष उत्पादन सुविधाओं के साथ प्रति वर्ष 10-12 एलसीए की संवर्धित उत्पादन क्षमता के साथ यह परियोजना बहुत अच्छी प्रगति कर रही है। आगे इसकी उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर काम किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि फ़ाइटर जेट तेजस को बनाने के लिए HAL ने प्रमुख संरचनात्मक पार्ट्स की आपूर्ति के लिए कई भारतीय भागीदारों के साथ पार्ट्नरशिप की है। 35 एकड़ में फैली एक नई उत्पादन सुविधा और 34,000 वर्ग मीटर से अधिक के निर्मित क्षेत्र के साथ तेजस-एलसीए के उन्नत संस्करण के उत्पादन के लिए तैयार किया जा रहा है।

LCA Mk-1A के लिए यह सुविधा वित्त वर्ष 2021-22 से पूर्ण परिचालन में होगी। माधवन ने कहा, HAL 2022-23 के बाद से प्रति वर्ष 16 तेजस विमान का उत्पादन करने में सक्षम होगा ताकि भारतीय सेना के लिए 83 तेजस ऑर्डर की आपूर्ति जल्द से जल्द की जा सके।

LCA Mk1A का LCA Tejas का एक उन्नत संस्करण है, जिसमें LCA के वर्तमान संस्करण की चार प्रमुख क्षमताएं शामिल की गई हैं। एक अधिकारी ने कहा कि ये सुधार परिचालन भूमिकाओं में किए गए हैं, AESA रडार, ईडब्ल्यू सूट (EW suite) और बीवीआर मिसाइल (BVR missile) क्षमताओं के समावेश के माध्यम से मुकाबला करने की क्षमता और स्थिरता में सुधार इसमें शमिल है।

LCA Tejas Mk1A में डर्बी मिसाइल जैसी बीवीआर मिसाइलों (BVR missiles) की इनबिल्ट क्षमता होगी, मौजूदा तेजस पहले से ही ऐसी क्षमता साबित कर चुका है। स्वदेशी रूप से विकसित बीवीआर मिसाइल (ASTRA Mk1) को LCA Tejas Mk1A पर एकीकृत करने की योजना बनाई गई है, जो भारतीय वायुसेना की पसंद का हथियार है। यह बहुमुखी हथियार (versatile weapon) एलसीए तेजस को बीवीआर युद्ध (BVR warfare) में अपने समकालीनों से बढ़त प्रदान करेगा।

LCA Mk-2 //≈Light Combat Aircraft Tejas Mk2 की जानकारी हिंदी में

LCA Mk-II एक मध्यम वजन का लड़ाकू विमान है, जो मिराज फ़ाइटर जेट्स (Mirage Fighter Jets) की जगह लेगा। LCA Mk-2 /≈Tejas Mk-2 का प्रारंभिक डिजाइन का काम पूरा हो चुका है और विस्तृत डिजाइन कार्य प्रगति पर है। LCA Mk-2 में LCA Mk-1 की तुलना में उच्च-थ्रस्ट इंजन होगा।

तेजस Mk-2 पर बोलते हुए, एक अधिकारी ने कहा कि यह एक मध्यम-वजन वाला फ़ाइटर जेट (Medium Weight Fighter – MWF) होगा और इसका डिज़ाइन तैयार हो चुका है।

वर्तमान तेजस यानी Tejas Mk-1 का अधिकतम 13.5 टन का भार उठा सकता है, जबकि अगली पीढी का Tejas Mk-2 अधिकतम 17.5 टन का वजन उठाने में सक्षम होगा। भारतीय वायु सेना अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए इन विमानों को बड़ी संख्या में ऑर्डर करेगी। Tejas Mk-2 की पहली उड़ान 2022 में होगी और इसे उत्पादन में आने में 5-6 साल लगेंगे। उस समय तक, मिराज-2000 फ़ाइटर जेट अपना जीवनकाल पूरा कर लेंगे और इसलिए LCA Mk-II को जल्द से जल्द शामिल किया जाएगा।

भारतीय वायुसेना के लड़ाकू बेड़े में हुई कमी को पूरा करने के लिए, Tejas को मध्यम श्रेणी में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद की जा रही है।

Tejas Naval Version /≈तेजस का नौसैनिक संस्करण

13 सितंबर, 2019 को तेजस एलसीए के नौसैनिक संस्करण ने गोवा में आईएनएस हंसा के तट-आधारित टेस्ट सुविधा में (shore-based Test Facility of INS Hansa in Goa) सफल लैंडिंग (Arrested Landing) हासिल की, जो की Tejas के नौसैनिक संस्करण के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

भारतीय नौसेना ने अपने इतिहास में इस दिन को “Golden Letter Day” के रूप में उल्लेखित किया है। भले ही भारतीय नौसेना ने LCA के नौसैनिक संस्करण को पहली बार अस्वीकार कर दिया था। आखिरकार पिछले साल जनवरी में LCA Tejas ने भारतीय नेवी के विमानवाहक पोत INS विक्रमादित्य से उड़ान भर कर अपनी क्षमता दिखा दी थी। उसके बाद भारतीय नौसेना ने इस विमान को अपने बेड़े में शामिल करने में रुचि दिखाई।