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प्रचार में उपसर्ग क्या है | प्रचार का मूल शब्द और उपसर्ग | Prachar Me Upsarg

प्रचार में उपसर्ग क्या है | Prachar Me Upsarg

प्रचार में ‘प्र‘ उपसर्ग है

प्रचार का उपसर्ग ‘प्र’ होगा जबकि मूल शब्द ‘चार’ होगा।

प्रचार का अर्थ है “व्यवहार में आना या प्रयोग जबकि व्यावहारिक रूप से हम पब्लिसिटी करने को भी प्रचार कहते हैं”।

प्रचार का उपसर्ग और मूल शब्द अलग कीजिए

प्र + चार = प्रचार

प्रचार शब्द ‘प्र’ उपसर्ग और ‘चार’ मूल शब्द को मिलाकर बनाया गया है।

प्रचार का मूल शब्द क्या है

प्रचार का मूल शब्द ‘चार’ होगा।

उपयोगी उपसर्ग और मूल शब्द

यहाँ पर परीक्षाओं के लिए अति महत्वपूर्ण उपसर्ग और मूल शब्द दिए गए हैं, अभी पढ़ें क्योंकि ये सभी उपसर्ग और मूल शब्द परीक्षाओं के लिए बहुत जरूरी हैं –

अलौकिक में उपसर्गअलग में उपसर्ग
अर्जित में उपसर्गअमर में उपसर्ग
अपलक में उपसर्गअन्याय में उपसर्ग
अनेक में उपसर्गअनिष्ट में उपसर्ग

उपसर्ग क्या होते हैं : अर्थ और परिभाषा जानिए

उपसर्ग को इंग्लिश में Prefix कहते हैं। उपसर्ग ऐसे अव्यय होते हैं, जो किसी शब्द के पहले यानि आरंभ में लगकर उस शब्द का अर्थ और आकार बदल देते हैं, साथ ही उसमें विशेषता उत्पन्न करते हैं। उपसर्ग का शाब्दिक अर्थ होता है, शब्द के पूर्व में जुड़ना और उसमें विशेषता लाना। अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें 👉 उपसर्ग की परिभाषा

संबंधित जानकारी :  अज्ञान में उपसर्ग : अज्ञान में कौन सा उपसर्ग है, अज्ञान में मूल शब्द और उपसर्ग अलग कीजिए | Agyan Mein Upsarg

निष्कर्ष

इस आर्टिकल के द्वारा हमने आपको बताया है कि ‘प्रचार में उपसर्ग और मूल शब्द’ क्या है।

बहुत से लोग “प्रचार में उपसर्ग” की जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं और जानना चाहते हैं कि “प्रचार में उपसर्ग क्या होगा“। इसलिए हमने आपकी जानकारी के लिए इस आर्टिकल में ‘Prachar Me Upsarg‘ बताया है।

इसके अलावा कई लोग प्रचार का उपसर्ग और मूल शब्द अलग कीजिए जैसे प्रश्न करते हैं इसलिए यहाँ पर प्रचार का उपसर्ग और मूल शब्द अलग करके बताया गया है।

अगर आप भी “प्रचार का मूल शब्द क्या है” की जानकारी खोज रहे हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए उपयोगी साबित होगा। आशा करते हैं कि यह पोस्ट आपको पसंद आएगी।

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