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Top 10 Richest Cities in Madhya Pradesh (MP) : मध्य प्रदेश के सबसे अमीर शहर

Top 10 Richest Cities in Madhya Pradesh (मध्य प्रदेश के सबसे अमीर शहर) : मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था मुख्यरूप से कृषि प्रधान है लेकिन अब औद्योगिक और सेवा क्षेत्रों की ओर भी तेजी से आगे बढ़ रही है। इस आर्टिकल में Top 10 Richest Cities in Madhya Pradesh के बारे में जानकारी दी गई है।

Top 10 Richest Cities in Madhya Pradesh (MP)

इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर जिले राज्य की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले शीर्ष 4 जिले हैं। Madhya Pradesh की जीएसडीपी का 33.31% (2022-23 अनुमानित) इन्हीं 4 ज़िलों से आता है। इससे आप अंदाज़ा लगा सकते हैं ये शहर कितने अमीर (Rich) होंगे। आइए जानते हैं मध्य प्रदेश के 10 सबसे अमीर शहर कौन-कौन से हैं :

इंदौर (Indore) – Richest Cities in Madhya Pradesh

मालवा पठार की दक्षिणी सीमा पर स्थित इंदौर मध्य प्रदेश राज्य की वाणिज्यिक या आर्थिक राजधानी है। इस शहर में मध्य प्रदेश स्टॉक एक्सचेंज के साथ-साथ आईटी कंपनी, फार्मास्युटिकल और ऑटो व्यवसायों सहित कई विनिर्माण इकाइयों का घर है। शहर की जीडीपी 14 बिलियन यूएस डॉलर है।

इंदौर के व्यापार का बड़ा हिस्सा यहाँ स्थित बड़े, मध्यम और छोटे स्तर के विनिर्माण और सेवा उद्योगों से आता है। ये उद्योग विविध क्षेत्रों में काम करते हैं। Top 10 Richest Cities in MP में यह शहर पहले स्थान पर है।

इंदौर शहर के आस-पास कई प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र हैं जिसमें से पीथमपुर विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) और सांवेर औद्योगिक क्षेत्र शामिल है। हालाँकि पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र धार जिले में स्थित है इसलिए इसकी जीडीपी का हिसाब धार जिले की अर्थव्यवस्था में किया जाता है। इंदौर जिले की अनुमानित जीडीपी 2016-17 में 43,356 करोड़ रुपए थी।

Bhopal (भोपाल) – मध्य प्रदेश के अमीर शहर

जनसंख्या और क्षेत्रफल की दृष्टि से राज्य का दूसरा सबसे बड़ा शहर, भोपाल मध्य प्रदेश राज्य की राजधानी और एक ज़िला-शहर है, इसका नाम राजा भोज के नाम पर रखा गया है। यहाँ की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से उद्योगों पर आधारित है इसे राज्य का एक महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्र माना जाता है। भोपाल के पुराने शहर की जरदोजी और कढ़ाई भी मशहूर है।

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शुरुआत में भोपाल गैस त्रासदी के कारण इसका आर्थिक विकास रुक गया था लेकिन अब फिर से बढ़ना शुरू हो गया है और अब Top 10 Richest Cities in Madhya Pradesh के लिस्ट में इस शहर का दूसरा स्थान है। भोपाल की लगभग 80% आबादी शहरी क्षेत्र में रहती है, इस तरह यह जिला राज्य में अत्यधिक शहरीकृत है। राज्य की राजधानी शहर होने के कारण, कई आईटी क्षेत्र की कंपनियां शहर में अपना कार्यालय स्थापित कर रही हैं। भोपाल जिले की अनुमानित जीडीपी 2016-17 में 30,467 करोड़ रुपये थी।

Jabalpur (जबलपुर) : Richest Cities in MP

जबलपुर जिला एक कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था वाला ज़िला (शहर) है, क्योंकि विंध्याचल पर्वतमाला से मीठे पानी लाने वाली नर्मदा नदी इसी शहर से होकर बहती है। इस वजह से यहाँ की मिट्टी बहुत ही उपजाऊ है।

कृषि के अलावा जबलपुर में यहाँ पाए जाने वाले मूल्यवान खनिज पदार्थों पर आधारित कई तरह के उद्योग भी हैं। यहाँ 20वीं शताब्दी की शुरुआत में कई रक्षा प्रतिष्ठान शुरू हुए थे। ये सभी आज शहर की अर्थव्यवस्था को मज़बूत आधार प्रदान करते हैं। Top 10 Richest Cities in Madhya Pradesh (मध्य प्रदेश के सबसे अमीर शहर) की लिस्ट में यह शहर तीसरे स्थान पर है।

तैयार वस्त्र उद्योग जबलपुर में उत्पादन का एक बड़ा हिस्सा बनाता है। जबलपुर में विभिन्न प्रकार के उद्योगों की उपस्थिति ने इस शहर के औद्योगिक परिदृश्य को पूरी तरह बदल कर रख दिया है। जबलपुर जिले की 2016-17 में अनुमानित जीडीपी 29,189 करोड़ रुपये थी।

Gwalior (ग्वालियर)

ग्वालियर ज़िला रणनीतिक स्थिति के कारण औद्योगिक रूप से मज़बूत हो रहा है। यहाँ पर नई दिल्ली-चेन्नई रेलमार्ग का मुख्य जंक्शन है साथ ही यह NH-3 और NH-75 पर स्थित है। इसके अलावा ग्वालियर 3 औद्योगिक क्षेत्रों – सिथोली, बानमोर और मालनपुर से घिरा हुआ है। पर्यटन क्षेत्र भी शहर की अर्थव्यवस्था में प्रभाव डालता है क्योंकि यह देश का एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और पर्यटन क्षेत्र है।

Richest Cities in Madhya Pradesh की लिस्ट में इस शहर का चौथा स्थान है। यहाँ की अर्थव्यवस्था को प्रदर्शित करने वाला एक वार्षिक व्यापार मेला आयोजित किया जाता है जिसका नाम है – ‘ग्वालियर व्यापार मेला’। यहाँ का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) 15 अरब डॉलर है।

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Chhindwara (छिंदवाड़ा) – Richest Cities in Madhya Pradesh

छिंदवाड़ा जबलपुर और नागपुर को जोड़ने वाले राजमार्ग के बीच स्थित रणनीतिक स्थान पर स्थित एक ज़िला है। यहाँ की स्थानीय आबादी अमीर है और इनकी खर्च करने की क्षमता ज़्यादा है इसी वजह से सभी प्रमुख ऑटोमोबाइल ब्रांडों की शहर में उपस्थिति है।

ज़िले को रेमंड्स और हिंदुस्तान यूनिलीवर जैसे ब्रांड का घर कहा है। शहर में कई समृद्ध बाजार क्षेत्र और पर्यटन स्थल मौजूद हैं। इसके अलावा इस ज़िले का परसिया क्षेत्र कोयला खदान के लिए जाना जाता है और परसिया क्षेत्र की अधिकांश आबादी रोजगार के लिए वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के साथ जुड़ी हुई है। इसी वजह से छिंदवाड़ा जिले की अर्थव्यवस्था का मुख्य स्त्रोत कोयला खदानों से होने वाली कमाई है। Top 10 Richest Cities in Madhya Pradesh की लिस्ट में इसका स्थान 5वाँ है। जिले की अनुमानित जीडीपी 2016-17 में 22,532 करोड़ रुपए थी।

Ujjain (उज्जैन) – मध्य प्रदेश के सबसे अमीर शहर

क्षिप्रा नदी के पूर्वी तट पर स्थित एक प्राचीन शहर ‘उज्जैन’ अपने उज्जैन ज़िला का सबसे बड़ा शहर है। जनसंख्या के हिसाब से मध्य प्रदेश का 5वाँ सबसे बड़ा शहर है। शहर में ज़िला और संभाग का प्रशासनिक केंद्र है।

इतिहास में देखे तो उज्जैन मध्य भारत के मालवा पठार का सबसे प्रमुख शहर था, जो लगभग 600 ईसा पूर्व मध्य भारत के राजनीतिक केंद्र के रूप में उभरा था। जिले की अनुमानित जीडीपी 2016-17 में 22,243 करोड़ रुपए थी। इस हिसाब से यह शहर Top 10 Richest Cities in MP की लिस्ट में 6वें स्थान पर है।

16 महा-जनपदों में से एक यह प्राचीन अवंती साम्राज्य की राजधानी थी। इसे मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी भी कहा जाता है। 19वीं शताब्दी की शुरुआत तक उज्जैन मध्य भारत का एक महत्वपूर्ण राजनीतिक, वाणिज्यिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में काम कर रहा था। आज के समय में यह शहर शैवों, वैष्णवों और शाक्त के अनुयायियों के लिए एक महत्वपूर्ण तीर्थस्थल माना जाता है।

Sagar (सागर) – Top 10 Richest Cities in Madhya Pradesh

मध्य प्रदेश के सागर ज़िले की अर्थव्यवस्था की रीढ़ कृषि को जाना जाता है। यह ज़िला पूरी तरह कृषि से होने वाली आय पर निर्भर हैं। इसके अलावा आज के समय में शहर में कई बड़े और छोटे पैमाने के उद्योग भी हैं। जो यहाँ की अर्थव्यवस्था को तीव्र गति प्रदान करते हैं। जिले की अनुमानित जीडीपी 2016-17 में 22,041 करोड़ रुपए थी। अनुमानित जीडीपी के अनुसार Top 10 Richest Cities in Madhya Pradesh (मध्य प्रदेश के सबसे अमीर शहर) की लिस्ट में इसका 7वाँ स्थान है।

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यह उपयोगी खनिजों का एक प्रमुख केंद्र भी है। स्टेनलेस स्टील कॉम्प्लेक्स भी सागर में है। इसकी प्राकृतिक सुंदरता और खजुराहो से निकटता के कारण पर्यटन भी यहाँ की अर्थव्यवस्था को मजबूत सहयोग देता है। शहर के केंद्र में लाखा बंजारा झील जैसे कई अद्भुत पर्यटक स्थान मौजूद हैं।

Dewas (देवास) – मध्य प्रदेश के सबसे अमीर शहर

पिछले कुछ वर्षों में देवास में कई आधुनिक उद्योग स्थापित किए गए हैं। इन्हीं उद्योगों ने स्थानीय कारखानों में लोगों को रोजगार दिया है। इसके अलावा यहाँ का पारंपरिक शिल्प, हस्तशिल्प जैसे – मोजरी (जूते), सिंथेटिक कालीन, चमड़े के काम (बेग, बेल्ट, महिलाओं के पर्स, जूते, कोट, ब्रीफकेस, आदि) ज़िले की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करते हैं। कृषि भी इस शहर की अर्थव्यवस्था का एक मुख्य स्रोत है।

2016-17 में जिले की अनुमानित जीडीपी 19,146 करोड़ रुपए थी, इस हिसाब से यह राज्य का 8वाँ सबसे अमीर शहर है यानि 8th Richest City in Madhya Pradesh. इसी ज़िले में भारतीय मुद्रा की छपाई के लिए केंद्र सरकार का संगठन ‘बैंक नोट प्रेस’ भी स्थित है।

निष्कर्ष

मध्य प्रदेश कृषि प्रधान राज्य से औद्योगिक राज्य की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है। राज्य में कई अमीर शहर हैं, जहां की जीडीपी तेज़ी से बढ़ रही है। ऐसे में लोग Top 10 Richest Cities in Madhya Pradesh (MP) के बारे में जानना चाहते हैं। इसलिए हमने इस लेख में मध्य प्रदेश के सबसे अमीर शहर के बारे में जानकारी प्रदान की है। आशा करते हैं कि आपको हमारा यह आर्टिकल “Richest Cities in MP” पसंद आएगी। इसे अपने दोस्तों के साथ सोशल मीडिया में जरुर शेयर करें।

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